Karnataka election 2023: कर्नाटक विस चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान, बीजेपी ने ठोका जीत का दावा

Karnataka election 2023 : कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग ने बुधवार को मतदान के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। राज्य में एक चरण में ही 10 मई को वोटिंग होगी। और चुनावी नतीजे 13 मई को आयेंगे।

भारत निर्वाचन आयोग यानी ECI ने बुधवार को कर्नाटक विधानसभा चुनावों की तारीख का एलान कर दिया है मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा की है। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते ही बताया कि कर्नाटक में एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। ये वोटिंग 10 मई को कराई जाएगी। दो दिन बाद 13 मई को चुनावी नतीजे आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि राज्य में 521 करोड़ मतदाता है। जिसमें पुरुष मतदाता की संख्या 2.6 करोड़ है जबकि महिला मतदाता 2.5 करोड़ है।

कितनी सीटों पर होगा चुनाव

कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटें है। और इन सभी सीटों पर 10 मई को वोटिंग होगी। आपको बता दें कि 224 विधानसभा सीटों में 68 सीटें कांग्रेस के पास है। हालांकि साल 2018 में 224 विधानसभा सीटों में से 80 सीटें कांग्रेस, 37 जेडीएस,और बीजेपी ने कुल 104 सीट जीतकर सरकार बनाई थी। इसके साथ ही चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि आम पार्टी नेशनल पार्टी है और इसे लेकर अभी रिव्यू चल रहा है।

क्या क्या कहा चुनाव आयोग ने

चुनाव आयोग ने बताया कि हमने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए बुधवार का दिन रखा है। इससे हो सकता है कि लोग बाहर तो नहीं जा सकेंगे। क्योंकि दो दिन की छुट्टी मिलने में थोड़ी परेशानी होगी लेकिन लोग मतदान करने आ जायेंगे। राजीव कुमार ने राहुल गांधी की वायनाड संसदीय क्षेत्र की सीट को लेकर भी जवाब दिया उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता खत्म होने के बाद जो एक सीट खाली है उसमें उपचुनाव कराने के लिए हमारे पास छह महीने का समय हैं। ट्रायल कोर्ट में न्यायिक उपाय के लिए अभी 30 दिन का समय बचा है। इसलिए हम इंतजार करेंगे। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में धन बल के अवैध इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए हम कर्नाटक में अपनी टीम मजबूत कर रहे है। इसके लिए हमने मजबूत तैयारी भी की है। हमने 2400 स्टेटिक सर्विलांस टीमें कड़ी निगरानी के लिए रखी है। साथ ही 19 जिलों की 171 राजकीय जांच चौकियां की निगरानी की जायेगी। और कर्नाटक राज्य से जुड़ी अन्य राज्यो की सीमा साझा करना भी शामिल है।

क्या है होंगी चुनाव की तैयारियां

चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने साफ किया कि चुनाव पारदर्शिता से कराए जायेंगे। जिसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। करीब 1320 मतदान केंद्रों पर केवल महिला कर्मचारी मौजूद रहेंगी। क्योंकि इसमें हम महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रहे है। हम 240 मतदान केंद्रों को मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाएंगे। साथ ही युवा वर्ग को मतदान केंद्रों पर लाने के लिए 224 मतदान केंद्रों को सिर्फ युवाओं द्वारा ही संचालित किया जायेगा। कर्नाटक में 58282 मतदान केंद्र है। जिसमें 20866 शहरी केंद्र है। और इसमें से 50 प्रतिशत मतदान केंद्र यानी 29140 पर वेबकास्टिंग की जाएगी। कर्नाटक में पहली बार मतदाताओं में 2018 -19 से 9.17 लाख की वृद्धि हुई है। एक अप्रैल से जो युवा 18 साल के हो रहे है वो भी वोट डाल सकेंगे। वहीं राज्य में 80 वर्ष के ऊपर मतदाता की संख्या 12.15 लाख है। इसके अलावा 16 हजार से अधिक उन वोटरों की संख्या है जिनकी उम्र 100 के ऊपर है। 80 वर्ष के ऊपर और विकलांग मतदाताओं को वोट डालने में परेशानी ना हो इसके लिए खास इंतजाम किए जायेंगे। उनके उठने बैठने से लेकर आदि व्यवस्था की जायेगी।

क्या तैयारियां है सत्ता और विपक्ष की

आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल 24 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष जल्द ही अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकते है। कांग्रेस ने 124 उम्मीदवारों की पहली सूची बहुत पहले ही जारी कर दी थी। तो दूसरी जल्द जारी कर सकती है। वहीं सत्ता पक्ष के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्माई ने कहा कि वो अप्रैल के पहले सप्ताह में सभी 224 उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगे । मुख्यमंत्री ने कहा चुनावों को लेकर हम पूरी तरह से तैयार है हम फिर से वापसी करेंगे और एक बार फिर कर्नाटक में सरकार बनाएंगे। वही विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा की कर्नाटक में सत्ताधारी पार्टी के एक एक विधायक के पास करोड़ों रुपए है। उन पर कभी कोई एक्शन नहीं होता। सिर्फ विपक्षी नेताओं पर ही ईडी सीबीआई आती है।

पिछले चुनावों में क्या हुआ था

साल 2018 में कर्नाटक की 222 सीटों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा ने 104 सीटों पर जीत दर्ज की थी। दूसरे नंबर पर कांग्रेस थी जिसने 78 सीटों का कब्जा किया था तो वहीं स्थानीय पार्टी जेडीएस सिर्फ 37 सीटें जीतने में सफल रही थी। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरमैया अपनी विधानसभा सीट चामुंडेश्वरी से हार गए थे। वहीं जनता दल के कुम्मारस्वामी ने अपनी दोनो सीटों पर जीत दर्ज की थी। साल 2018 में कांग्रेस ने एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार कर लिया था। लेकिन राज्यपाल वजू भाई वाला ने भाजपा को सबसे बड़ा दल होने के नाते सरकार बनाने का न्योता दिया। और पार्टी में बहुमत सिद्ध करने के लिया 15 दिन का समय दिया था। जहां उन्होंने 17 को बी एस येदियुरप्पा के रूप में मुख्यमंत्री को शपथ दिलाई । और कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनेगी। लेकिन तीन सालों बाद दिल्ली की बीजेपी आलाकमान ने येदुरप्पा से मुख्यमंत्री पद छीनने के बाद बसवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री बना दिया। फिर 28 जुलाई 2021 को बोम्मई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साल 2018 में 72.13 फीसदी मतदान हुआ था। उस समय यह सबसे महंगा चुनाव था। सभी पार्टियों ने मिलकर 9500 से लेकर 10500 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

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